अगर आप पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर चुके हैं और अब अपॉइंटमेंट की डेट मिल गई है, तो यह जानना ज़रूरी है कि जब आप पासपोर्ट ऑफिस विज़िट करेंगे तो वहां क्या होता है, कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए होते हैं, और वेरिफिकेशन कैसे होता है। इस लेख में हम आपको पासपोर्ट ऑफिस की पूरी प्रक्रिया हिंदी में विस्तार से समझाने जा रहे हैं।
✅ पासपोर्ट अपॉइंटमेंट से पहले ध्यान देने योग्य बातें:
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अपॉइंटमेंट स्लिप:
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इसे प्रिंट कर लें या मोबाइल में सुरक्षित रखें।
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ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और फोटोकॉपी:
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जो डॉक्यूमेंट आपने अप्लाई करते समय लगाए थे, उनकी ऑरिजिनल कॉपी और एक फोटोस्टेट ज़रूर रखें।
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✅ पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK/POPSK) की पहचान:
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PSK (Passport Seva Kendra): बड़े शहरों में स्थित सरकारी सेवा केंद्र।
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POPSK (Post Office Passport Seva Kendra): पोस्ट ऑफिस में बने नए केंद्र।
🗺️ अपॉइंटमेंट स्लिप पर दिए गए सेंटर के नाम से ही जाएँ और Google Maps की मदद लें।
✅ पासपोर्ट ऑफिस में क्या होता है?
🕒 समय से पहुंचें:
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अपॉइंटमेंट टाइम से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचें।
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परिवार के सदस्य (केवल माइनर केस में) ही अंदर जा सकते हैं।
❌ दलालों से सावधान रहें:
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कोई भी तीसरा व्यक्ति या दलाल अंदर नहीं जा सकता। खुद ही प्रक्रिया फॉलो करें।
✅ पासपोर्ट ऑफिस की प्रक्रिया:
1. रिसेप्शन काउंटर:
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अपॉइंटमेंट स्लिप और डॉक्यूमेंट दिखाकर टोकन नंबर लें।
2. वेटिंग हॉल:
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डिस्प्ले पर टोकन नंबर देखकर काउंटर पर जाएं।
✅ पासपोर्ट वेरिफिकेशन के 3 मुख्य चरण:
🔷 A Counter – डॉक्यूमेंट स्कैनिंग और बायोमेट्रिक:
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ओरिजिनल डॉक्यूमेंट स्कैन किए जाते हैं।
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आपकी फोटो ली जाती है और फिंगरप्रिंट लिए जाते हैं।
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सिग्नेचर भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से लिए जाते हैं।
🔷 B Counter – डॉक्यूमेंट मिलान:
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स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट्स की दोबारा जांच होती है।
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अगर कुछ कमी मिलती है तो सुधारने को कहा जाता है।
🔷 C Counter – अंतिम निर्णय:
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यह काउंटर तय करता है कि पासपोर्ट ग्रांट किया जाएगा या नहीं।
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सवाल पूछे जा सकते हैं जैसे:
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पासपोर्ट क्यों बनवा रहे हो?
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परमानेंट एड्रेस क्या है?
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पहले कोई पासपोर्ट बनवाया था?
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कोई डॉक्यूमेंट मिसिंग है तो फाइल होल्ड या रिजेक्ट भी हो सकती है।
✅ कौन-कौन से डॉक्यूमेंट ज़रूरी होते हैं?
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आधार कार्ड
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पैन कार्ड
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वोटर आईडी
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ड्राइविंग लाइसेंस
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10वीं की मार्कशीट (नॉन-ईसीआर पासपोर्ट के लिए)
📌 ईसीआर (Emigration Check Required) और Non-ECR के बीच फर्क जानना जरूरी है।
✅ पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया:
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पासपोर्ट ऑफिस से फाइल ग्रांट होने के 1-2 दिन के अंदर आपके पुलिस स्टेशन में वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट जाती है।
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पुलिस स्टेशन बुलाया जा सकता है या घर पर विज़िट हो सकती है।
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डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी साथ रखें।
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कोई शुल्क नहीं देना होता।
✅ पासपोर्ट डिलीवरी और ट्रैकिंग:
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वेरिफिकेशन सफल होते ही पासपोर्ट प्रिंट होता है।
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2-3 दिनों में स्पीड पोस्ट से घर पर डिलीवर किया जाता है।
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मोबाइल नंबर अब पासपोर्ट पर नहीं होता, इसलिए अपने पोस्टमैन से संपर्क में रहें।
✍️ निष्कर्ष:
पासपोर्ट ऑफिस की प्रक्रिया अब काफी पारदर्शी और आसान हो गई है। अगर आपने सही डॉक्यूमेंट दिए हैं और समय पर पहुंचे हैं, तो पासपोर्ट बनवाना बहुत ही आसान हो गया है। किसी दलाल की ज़रूरत नहीं होती।
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जय हिंद! 🇮🇳